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रहली:आग में जलकर खाक हो गया संघर्ष.लाखों का नुकसान


प्रिंटिंग प्रेस में आग लगने से लाखों का नुकसान 
प्रषासन ने नही ली पीड़ित की सुध 
मानवीय मदद की दरकार




रहली। जीवन से संघर्ष करने प्रिटिंग प्रेस  का काम सीखा तो संघर्ष से सफलता मिली और खुद का प्रिंटिंग प्रेस हो गया लेकिन एक चिंगारी ने बीस साल के संघर्ष पर पानी फेर दिया। जी हां हम बात कर रहे हैं राजेंद्र दुबे की जो कि जनपद काम्प्लेक्स में प्रिटिंग प्रेस का व्यवसाय करते थे। बीती रात उनके प्रिंटिग प्रेस में शार्ट सर्किट से आग लग गई जिससे लाखों रूपए कीमत की मषीनें, प्रिंट किए और खाली कार्ड जलकर खाक हो गए।
वार्ड सात निवासी राजेंद्र दुबे की परिस्थिति बचपन से गरीब रही। लेकिन बचपन ? लेकिन विचारों की अमीरी ने उन्हें सघर्ष की प्रेरणा दी और पढ़ाई के खर्च के लिए प्रिंटिंग प्रेस पर काम करना शुरू कर दिया। मेहनत और लगन से काम करने पर राजेंद्र को सफलता मिली और बैंक से लोन लेकर खुद का प्रिंटिंग प्रेस खोल लिया जिसका नाम भी उन्होंने संघर्ष प्रिंटिंग प्रेस ही रखा। प्रेस खुलने के बाद आजीविका तो चलने लगी लेकिन जिंदगी के संघर्ष कम नहीं हुए। लेकिन राजेंद्र ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत के बाद प्रिंटिंग प्रेस की बेतहासा बढ़ोत्तरी हुई। जहां काम अच्छा मिलने लगा तो दुकान में सामग्री भी बहुत हो गई। लेकिन शायद राजेंद्र की किस्मत में और अधिक कड़ा संघर्ष लिखा था और शनिवार रात करीब 10.30 बजे प्रिंटिंग प्रेस में  ष्षार्ट सर्किट की बजह से आग लग गई। आसपास के लोगों ने जब तक आग पर नियंत्रण पानी की कोषिष की व राजेंद्र को सूचना दी। राजेंद्र ने जब दुकान खोलकर देखा तो पुराने संघर्ष के साथ आगामी संघर्ष दिखाई दिया क्योंकि दुकान में रखा सामान जलकर खाक हो गया। लाखों रूप्ए की मषीनें और अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। घटना के 45 मिनिट बाद  फायद बिग्रेड भी पहुंची लेकिन तब तक केवल लपटें ही बची थीं और आसपास की दुकानों की सुरक्षा। इतना भीषण हादसा होने के बाद भी न तो कोई प्रषासनिक अधिकारी मदद करने पहुंचा और न ही नुकसान देखने। राजेंद्र की आंखें अब मदद को उठने वाले हाथों की ओर देख रही हैं। इतने संघषषील व्यक्ति के लिए सरकारी ही नहीं लोगों की मानवीय मदद की भी दरकार हैं

रिपोर्ट : प्रवीण सोनी    रेहली सिटी 

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2 comments:

  1. सोर्ट सर्किट आग जनी की हटना हुई ,,sarkar se mera nibedan है कि जल्द से जल्द पीड़ित को मुआवजा रासी की बायब्सता की जाए,,,पीड़ित का यदि मानसिक डिप्रेशन बढ़ गया तो उस का परिवार बिखर जाएगा

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    1. aap aur hum milker bhi sahyog kar skate hain sabhi aange aaye.

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