माताएं बच्चों को व संस्कार दें जो आगे चलकर समाज का मार्गदर्शन कर सकें
माताएं बच्चों को व संस्कार दें जो आगे चलकर समाज का मार्गदर्शन कर सकें
एकल परिवार परंपरा से बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
रहली / सरस्वती शिशु मंदिर रहली में कक्षा अरुण से द्वितीय कक्षा के भैया बहनों की माताओं का मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें नगर एवं समीपस्थ ग्रामों की लगभग 75 माताओं ने भाग लिया ।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्रीमती स्वप्ना सराफ अध्यक्ष श्रीमती मनीषा नायक समिति सदस्य श्री अजित जैन आशीष साहू एवं प्राचार्य गंगाराम प्रजापति ने सरस्वती पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आचार्य मुकेश दुबे एवं श्रीमती माधवी अवस्थी दीदी ने अतिथियों का परिचय दीया और स्वागत किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्रीमती स्वपना सराफ ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक समाज में एकल परिवार की परंपरा समस्या बन गई है जिसका प्रभाव बच्चों की मानसिकता पर विकृत हो रहा है मां बच्चे की प्रथम पाठशाला है बच्चा बड़ा होकर परिवार के संपर्क में आता है तो उस पर पूरे परिवार का प्रभाव पड़ता है बच्चों का स्वभाव हट करना होता है परंतु उनकी हट पूर्ण करने से पूर्व मां को उसकी अच्छाई बुराई का ध्यान रखना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही श्रीमती मनीषा नायक ने कहा कि संयुक्त परिवार रूप से ही बच्चों की मजबूत इमारत खड़ी होती है आज संयुक्त परिवार के विलुप्त होने पर बच्चों में चिड़चिड़ापन एवं एकांकी पन आ रहा है अतः बच्चों को संयुक्त रूप से मिलकर उनका विकास करना संभव है यदि महिला शिक्षक होती है तो पूरा परिवार शिक्षित हो जाता है ।
अपने उद्बोधन में संस्था प्राचार्य गंगाराम प्रजापति ने कहा कि विद्या भारती के द्वारा संचालित देश में 30000 विद्यालय हैं जिनमें लगभग 45 लाख भैया बहिन अध्यनरत है समाज को सही दिशा एवं मार्गदर्शन देने के लिए देशभर में मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है आप माताएं बच्चों को ऐसा संस्कार प्रदान करें जो बच्चे बड़े होकर समाज का मार्गदर्शन करें। नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में रखी गई है अतः बच्चों के विकास में माताओं की अहम भूमिका होगी 7 मार्च को महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने सरस्वती शिशु मंदिर रहली की छात्रा कुमारी सारिका ठाकुर को मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित भी किया था ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मातृ सम्मेलन की रूपरेखा बताते हुए दीदी माधवी अवस्थी ने कहा कि हमारे विद्यालय में कक्षा प्रथम से अरुण उदय प्रभात तीनों कक्षाएं चलाई जा रही हैं जिनमें 3 वर्ष से बालकों को प्रवेश दिया जाता है विद्यालय में खेल उपकरणों सहायक सामग्री के माध्यम से बच्चों को सिखाया जाता है बच्चे विकास में विद्यालय के साथ-साथ माताओं का योगदान आवश्यक है उन्होंने माताओं को सलाह दी कि छोटे बच्चों को घर में मोबाइल से दूर रखें टीवी से भी दूर रखने की कोशिश करें घर का सार्वजनिक माहौल अच्छा रखें इस अवसर पर बहनों ने बहुत शानदार भावपूर्ण गीत की प्रस्तुति दी कार्यक्रम का संचालन दीदी रश्मि पटेरिया मंत्र शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।
REPORT : SUSHEEL JAIN REHLI CITY
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