शिव विवाह व राम जन्मोत्सव के प्रसंग ने किया भावविभोर
रहली -सियाराम भवन महाराणा प्रताप पार्क साहू कालोनी में शिक्षिका साक्षी दुबे की बेटी इशिता और रिद्धिमा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कथावाचक श्री श्री 108 श्री सेवाराम उपाध्याय जी के मुखारविंद से चल रही श्री रामकथा के तृतीय दिवस शिवजी का विवाह,रामजी के जन्म के कारण,जन्म के निमित के प्रसंग ने भावविभोर किया। शिव विवाह के प्रसंग में मानस रसिक श्री सेवाराम उपाध्याय ने कहा कि पार्वती जी की निष्ठा व कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने विवाह का वचन दिया। जीव जब सच्चे हृदय से प्रार्थना करते हैं, तो भगवान भी उसे सम्यक फल प्रदान करते हैं। भोगी की प्रारंभिक अवस्था सुखमय प्रतीत होती है, किंतु अंत अत्यंत दुखद होता है। इसके ठीक विपरीत योगी की साधना अवस्था कष्टप्रद होती है, किंतु अंत बड़ा सुखद होता है। इसलिए कहा जाता है, अंत भला तो सब भला। शिव-पार्वती विवाह में भूत-प्रेतों को भी शामिल किया गया है, जो शिव की समता का दर्शन कराता है। शिव पार्वती साक्षात शक्ति और शक्तिमान है।
REPORT: PRAVEEN SONI REHLI CITY



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